दर्द भरी शायरी इन हिंदी | dard bhari shayari

Pooja
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दर्द भरी शायरी इन हिंदी | dard bhari shayari 

यूं तेरा मुझसे खफा हो जाना,

जैसे फूल से खुशबू का जुद्दा हो जाना..!!

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कैसे भूलाऊ बीते कल को...

दिल में रोज़ यादों का जनाजा निकलता है...

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सिर्फ तेरे साथ ज़िन्दगी जीने की तलब थी

वरना मोहब्बत तो कई बार हो जाती है !!

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तुम्हे एक नजर देख लेना

बाखुदा मुलाकात से कम नहीं है...

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मुझे गुमान है अपनी सांवली सूरत पर

मैने यहां दूध से ज़्यादा चाय के दीवाने देखे हैं !!

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ना सवाल है ना जवाब है इश्क़

मन-मंदिर में रोशन चिराग है इश्क़

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शायद कायनात भी है गुलाम तुम्हारी,

तभी तो हर बदलता मौसम
 
लिए आता है खुशबू तुम्हारी..!!!

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तारीखों में बंध गया है अब इजहार ए-मोहब्बत भी..

रोज प्यार जताने की अब किसी को फुर्सत कहां...

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खाली काग़ज़ पर क्या तलाश करते हो

एक ख़ामोश-सा जवाब तो है

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तेरे अलावा कोई नहीं है ये बोल कर वो मेरी जिंदगी में आयी थी,

और तेरे जैसे बहुत है ये बोल कर जिंदगी से चली गयीं!

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एक हसरत थी कि कभी हमे भी मनाये वो,

पर ये दिल कम्बख्त कभी उनसे रूठा ही नहीं!

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जान तो वो भी लेता है जो बहुत तड़पाता

और फिर खुद ही मरहम भी बन जाता है!

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आसानी से टूट जाऊ, वो इंसान थोड़ी ना हू,

सब को पसंद आ जाऊ, चाय थोड़ी ना हू!

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उम्र छोटी है तो क्या जिंदगी का हर मंजर देखा है,

फरेबी मुस्कुराहटे देखी है, बगल में खंजर देखा है!

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उसको भी मोहब्बत तो है मुझसे,

आज वो चाय बनाना सीख रही थी!

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तुमको ग़म के ज़ज़्बातों से उभरेगा कौन,

ग़र हम भी मुक़र गए तो तुम्हें संभालेगा कौन!.!

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मेरे जो करीबी थे,

कमबख्त वहीं फरेबी थे...!

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हम अपनों से परखे गए हैं कुछ गैरों की तरह,

हर कोई बदलता ही गया हमें शहरों की तरह....!

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जनाब हमारी क्या बराबरी करोगे तुम,
 
हमने तो मजाक करना भी जिंदगी से सीखा है!

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दिल हर किसी के लिए नहीं धड़कता ,

धड़कनों के भी अपने कुछ उसूल होते हैं...

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अहसास मिटा,तलाश मिटी, मिट गई उम्मीदें भी,

सब मिट गया पर जो न मिट सका वो है यादें तेरी।

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पूछा उसने, मैं या चाय ?

मैंने मुस्कुरा के कहा, "तुम्हारे हाथों की बनी चाय.. ☺️

Pilaogi kya 🙈

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मोहब्बत नाज़ुक मिज़ाज होती है बेहद

अक्ल का बोझ नहीं उठा सकती...!!!

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शायरी सुनकर वाह वाह करने वालो 

आओ पास बैठकर सिसकिया सुनो मेरी

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कितने बेबस हैं तेरी चाहत में..!

तुझे खो कर भी ,अब तक तेरे हैं.!

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पहली मोहब्बत अक्सर एक बात सिखा कर जाती है,
 
दूसरी जब भी करना एक हद में रहकर करना ।

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मेरी दुआओं का मुकम्मल होना

और तेरा मुस्कुराना एक ही बात है.

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एक तेरे साथ के आगे जन्नत भी कुछ नहीं,

और इसके आगे अब मेरी मन्नत भी कुछ नहीं...

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रिश्तों का कारोबार यू चल रहा है

लफ्ज़ भी अब मतलब तलाशते है..

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ये हकीकत बहुत पुरानी है!
 
मोहब्बत दिल की राजधानी है!

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उसने तोहफे में पायल कबूल कर ली है,
 
अब वो चलेगी तो मेरा इश्क़ गूँजेगा ...

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छिप जा तू इन आँखों मे कुछ पल के लिए..

मै बंद करू आँखे और सो जाऊ उम्र भर के लिए..

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आँखों से भी लिखी जाती है दास्तानें,

हर कहानी को कलम की जरूरत नहीं होती ..

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कैसा सफर था मुझे मंजिल की जुस्तजू न रही।

यार की नजरों से देखा फिर कोई आरजू  न रही।।

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अब क्यूँ तकलीफ होती है उसे इस बेरुखी से,

तुम्हीं ने तो सिखाया है कि दिल कैसे जलाते हैं. . .

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तड़प तो वो भी रही होगी मेरी याद में,

फर्क इतना है शायरी नही आती है उसे...

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