Gulzar Shayari in hindi

Gulzar Shayari in hindi

उलझने संभाल रक्खी है मैंने दिल में,

लोग समझते हैं बहोत सुकून में हूँ मैं......


हमें मोहब्बत बयान करने नहीं आता,

काश वो ख़ुद आकर हमसे कहते, कि

हमें आपके बिना जीना नहीं आता।।।

          

मझे आपकी चाहत हो गई

ये महफ़िल खूबसूरत हो गई

खुदा से रोज़ दुआ में बस आपको

मांगती हूं,

क्यों कि मझे आपसे बेइंतेहा मोहब्बत हो गई।।


जब हँस कर कह दूं की ठीक हूं मैं ,

तो समझ जाना रोने के बहुत क़रीब हूँ मैं।


जरूरी नहीं कि हर ताल्लुक का मतलब मोहब्बत हो,

कुछ रिश्ते मोहब्बत से ऊंचा मुकाम रखते है....!!!


तेरी खुशी के ठिकाने बहुत होगे मगर,,,,,, 

मेरी बैचेनी की वजह सिर्फ तुम हो❤️


आज सोचा -कुछ कम लिखू ! ना - मै ना तुम आज हम लिखू ! ना कोई खुसी ना कोई ग़म लिखू ! वो जो थोड़ा सा तेरे मन मे - थोड़ा मेरे मन मे है ! आज वो  वाला  हम लिखू ..........!!!


❛दर्द सबके एक हैं मगर हौंसले सबके अलग अलग हैं,

कोई हताश हो के बिखर गया तो कोई संघर्ष करके निखर गय।❜❣️


खुद से दोस्ती हुई तो पता चला मुझसे

 बेहतर मुझे कोई नहीं जानता!❤☕


किसी के अंदर ज्यादा डुबोगे तो टूटना तो पड़ेगा...

यकीन न हो तो बिस्कुट से पूछ लो।।


🍁||उसे पता है क़ी मुझे ख़ुश कैसे करना हैं

      उसे ये भी पता है कि होंठ कहा पर रखना

      हैं...!||🍁❤️


❛आज के जीवन का बहुत सीधा सा परिचय है,

आँसू वास्तविक है और मुस्कान में अभिनय है।❜❣️


तुम प्यार की बात करते हो,

और प्यार से ही बात नहीं करते 😒


❤️ऐसे ही फिदा नही हुए है हम उन पर,

किसी ने हम  को बताया कि वो भी चाय की

 शौकीन हैं...


*खाली "हाथों" को भी...कभी "गौर" से..."देखा" कीजिये.....*

*किस तरह से "निकल" जाते हैं..."लोग"..."लकीरों" से....!! 😕💔


जब तक खुद पर ना गुजरे

एहसास और ज़ज्बात मज़ाक ही लगते हैं


जब अपने ही परिंदे

         किसी और के दाने के

   आदी हो जाए तो उन्हें 

       आजाद कर देना चाहिए


दूर जाने के लिए,समंदर पार जाना,जरुरी नहीं होता,

कोई खलिश,ठहर जाये मन में,यही काफ़ी है l❤💞


"एक ख़्वाब 

देखने की आरज़ू रही

इसलिए 

ताउम्र सो न पाए हम,

वो ख़ाब 

धुंधला न जाये कहीं

इसलिये

चाह कर भी रो न पाए हम."!!


इश्क ने मुझे जख्म तो बहुत दिए है

और दर्द तो जैसे मुझे तोहफे में मिले है


हमें तो राह तकने से है मतलब, 

मसला तुम्हारा है ,

तुम आओ या ना आओ___!!


गुमसुदा हूँ तेरे हक में...

   गर कशिश बांकी है तो तलाश कर...!!


रेत हूँ रेगिस्तान की.......!! 

मेरी किस्मत में ही नहीं किसी साँचे में ढल जाना....!!!!


तुम्हारी यादों को भर देंगे गोदाम में

इस बार दिवाली की सफाई तो होने दो


जिस दिन सोचते हैं हम पूरी बात करेंगे

झगड़ा भी कहता है 

हम भी आज ही करेंगे___!!


मेरी निगाहों में एक ख्वाब आवारा है

मैं चांद भी देखूँ तो चहरा तुम्हारा है___!!


तेरी तिरछी निगाहों में कयामत की खुमारी है..

कातिल अदाएं है तेरी 

लेकिन तबाही तो हमारी है___!! 🥰


बाँध कर रख ली है 

मैंने अपनी आँखों में ख़ुशबू तेरी !!

       अब महकी सी रहती हूं 

मैं भी किसी गुलशन की तरह !!


अगर मेरी जिंदगी रामायण है,

तो तुम सुन्दर काण्ड हो___!!


सुनो जान 🍁

 कर लूं अगवा तुम्हे

 चाय का लालच देकर

एक बार तुम मेरी गली में

  आओ तो सही___!!😍☺️


मोहब्बत तो हम एक तरफ़ा भी कर लेंगे

लेकिन

झगड़ा करने के लिए तो तुम्हरी जरूरत पड़ेगी___!!


बस एक पुकार पे दरवाज़ा खोल देते है 

ज़रा सा सब्र भी 

इन आँखों से होता नही___!!


खुदा करे वो________,,

  जिंदगी भर मेरे साथ हो,,

जितना अभी दूर है______,,

  उतनी ही पास हो,,


शाम को तेरा हंस कर मिलना ,,

दिन भर की तनख़्वाह है मेरी___!!


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