jabardast shayari in hindi

 jabardast shayari in hindi

Shakal tak nahi dekhenge ek duje ki roj sochte hai

Fir bhi wo hume hum unhe roj khojte hai

शक्ल तक नहीं देखेंगे एक दूजे की रोज सोचते हैं

फिर भी वो हमें हम उन्हें रोज खोजते हैं


Main jee jata agar tumhe paa leta

Tumne kyun takleef ki tumhare baad toh zahar main yoon hi kha leta

मैं जीत जाता अगर तुम्हें पा लेता 

तुमने क्यूँ तकलीफ की तुम्हारे बाद तो जहर मैं यूं ही खा लेता

K

Wo apna tha hamara

Bas ek usi ko paane ka sapna tha hamara

वो अपना था हमारा 

बस एक उसी को पाने का सपना था हमारा


Chalo maan liya deewana hoon 

Deewana toh kya sitam dhaoge

चलो मान लिया दीवाना हूं 

दीवाना हूँ तो क्या सितम ढ़ाओगे


Main kyun bhulaun tumko

Tumhe yaad karna koi gunah nahi

मैं क्यों भुलाऊं तुमको 

तुम्हें याद करना कोई गुनाह नहीं

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ